राजनीति का धुरंधर खिलाड़ी बनने की कुंजी

जनता देगी हुकूमत की चाबी,
अगर नायक बने ऐसे पथ का राही

राजनीति एक खेल, मोर्चा और धंधा भी है। इसमें जोखिम है मतलब राजनीति बहुत ही जोखिमपुर्ण काम है ही। फिर भी राजनीति का खेल खेलना ही पड़ेगा, मोर्चा संभालना ही पड़ेगा और धंधा करना ही पड़ेगा।जो राजनीति का खेल नहीं खेलेगा, मोर्चा में शामिल नहीं होगा और धंधा नहीं अपनाएगा कदम कदम पर उसे चुनौतियों ,मुश्किलों, कठिनाइयों और परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इसलिए यह बात गांठ बांधकर याद रखना चाहिए :—

राजनीति से मुंह मत मोड़िए,
वरना उन्नति मुंह मोड़ लेगी।
राजनीति से नाता जोड़ लीजिए,
समस्याएं आपका पीछा छोड़ देंगी।

Politics के खेल में जितना दिमागी ऊर्जा खपत होती है उतना किसी भी दूसरे खेल में नहीं होता है। मजेदार बात यह है कि पॉलिटिक्स के खेल से मनोरंजन होता है, मजा आता है ,ज्ञानवर्धन होता है ,बुद्धि वर्धन होता है और समाज का भला भी होता है।

तेज दिमाग  से राजनीति करने वाले मतलब की अक्ल अथवा बुद्धि से राजनीति करने वाले हमेशा ही बड़े-बड़े पैसे वाले राजनीतिक प्रतिद्वंदियों को धूल चटाते रहेंगे। आज के दौर में चुनाव जीतने के लिए सिर्फ पैसा होना ही काफी नहीं है दिमाग भी होना चाहिए बुद्धिजीवी राजनीति की कला, विद्या और शास्त्र भी होना चाहिए।

इस खेल में धुरंधर खिलाड़ी बनना है तो ऐसे दांव पेंच, उठा पटक, तर्क वितर्क और खंडन मंडन की कला सीखना पड़ेगा कि बहुत पैसे वाला बाहुबली नेता भी चकमा खा जाए और मैदान छोड़कर भागने के लिए मजबूर हो जाए। ऐसा गुरु मिलना बहुत ही मुश्किल काम है  जो इस विद्या में खुद पारंगत हो और चेलों को महारथी बना दे।

नेताओं और नेतागिरी करने वालों के लिए हिदायत :———

जनता जाग गई है।
नेता लोग जान जाइए।

राजनीति करना ही है तो ऐसा नेता और ऐसा धुरंधर खिलाड़ी बनिए कि आपके खिलाफ होने वाली तमाम साजिशों को आप समय रहते भांप  जाएं और उसे असफल करने के लिए नीति बना पाएं।

आज की तारीख में ऐसे नेता की जरूरत है जो अपने ही समाज के लोगों को जोड़ सके। फिर वह अन्य समुदाय के लोगों का भी समर्थन पा सके। उस नेता के पास जनता का सुख-दुख, हाल-चाल तथा समस्याएं सुनने का समय हो और उनका समाधान करने की योग्यता भी उसके अंदर हो। किसी भी योजना को वह साकार कर सके और जो बिगड़ रहा है, बर्बाद हो रहा है या फिर गुमराह हो रहा है उसे सही राह पर ले आए।

नेता का अपनी जुबान, भावना तथा दिमाग पर पूरा नियंत्रण होना चाहिए।
कोई भी राजनीति का धुरंधर खिलाड़ी बनना चाहे अथवा बहुत ही दिग्गज ,दमदार, दबंग, धाकड़ और तेज तर्रार  नेता बनना चाहे तो उसे शास्त्रार्थ करना आना ही चाहिए। उसे किसी के भड़काने पर भड़कना नहीं चाहिए। अन्यथा भंड़ककर वह बहुत सारे राज् उगल देगा और ऐसी गलतियां कर बैठेगी जिससे बनते हुए काम भी बिगड़ सकते हैं। उसे इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि उससे ऐसी कोई भूल चूक न होने पाए जिससे बहुत बड़ा बखेड़ा खड़ा हो जाए।

आज के दौर में नेता ऐसे हों जो किसी भी विरोध ,विद्रोह और विलोम आवाज को दबाने की कला में माहिर हो और जो जनता की क्रांति, मोर्चा या संग्राम का नेतृत्व ऐसा कर सके जिससे कि उनका मकसद पूरा हो जाए।

नेता के शब्दों में ,बयानों में या भाषण में इतना दम बिल्कुल हो सकता है जो दंगा फसाद ,लड़ाई झगड़ा अथवा युद्ध ही भड़का दे। नेता लोग चुनाव में जीतना हो ,अपना स्वार्थ साधना हो या कोई भी एजेंडा को सफल बनाना हो तो ऐसा काम करने से पीछे नहीं हटते हैं।

राजनीति में एक शब्द,एक वाक्य या एक बयान जहां बहुत बड़ा खेल कर सकती है वहीं बहुत बड़ा काम बिगाड़ भी सकती है। राजनीति के युद्ध मैदान बयान बाजी के रूप में तलवारबाजी का मैदान है ऐसा कहूं तो यह गलत नहीं होगा।बल्कि राजनीति दिमाग का खेल है इस पर आप ज्यादा ध्यान दीजिए। जिसका दिमाग जितना बेहतर सोच पाएगा उसकी राजनीति उतनी ही बेहतरीन ढंग से चल पाएगी।

नेता लोग बहुत बार कुछ बयान देते हैं उसके बाद अपने जुबान से भी पलट जाते हैं। जनता बेचारी मीडिया के फेर में पड़कर उसी में उलझी रह जाती है ‌। बहुत सारे मीडिया तो सिर्फ इसी काम में मशगूल रहते हैं कि असली मुद्दा दब जाए और फालतू मुद्दा उठता रहे ताकि लोग बाग बेवकूफ बनते रहे और सरकार कुर्सी पर बैठकर लोगों को उल्लू बनाकर मलाई खाते रहे।

समाज में तू तू मैं मैं तो होता ही है। समाज क्या परिवार या जहां भी तीन-चार लोगों का दल बना लिए,संगठन अथवा संस्था बना लिए वहां तू तू मैं मैं होता ही है। एक व्यक्ति दूसरे को गलत ,खुद को सही, दूसरे की बात को खराब और खुद की बात को अच्छा साबित करने में लग जाता है। यह पति-पत्नी, भाई-बहन अथवा दोस्तों के बीच भी होती है। अगर नेता लोग तर्क से सोचना और बात करना ज्यादा आवश्यक समझेंगे तब समाज की बहुत सारी समस्याएं ,गलतफहमियां, भ्रांतियां,  मनमुटाव और अलगाव इत्यादि पैदा करने वाली बातें जलकर राख हो जाएंगी।

समाज में कुछ ऐसी घटनाएं घटित होती हैं  जिससे कोई व्यक्ति अथवा पूरा समाज प्रभावित होता है। बहुत सारी घटनाओं से लोगों का भारी नुकसान होता है और समाज की भी भारी हानि होती है। किंतु उससे बहुत ही सस्ते में भारी राजनीतिक लाभ प्राप्त होता है। किसी भी राजनीतिक खिलाड़ी अथवा नेता को ऐसी ऐसी घटनाओं का बहुत ही चालाकी से फायदा उठा सकना चाहिए।यह कोई बुरी या गलत बात नहीं है। बल्कि खुद की ताकत और वर्चस्व को मजबूत करने के लिए ऐसी घटनाएं बहुत मददगार होती हैं।

Published by Angel Kerketta

Hello everyone ! I am Angel Kerketta. Phone - 7049645365 From my Blog Web Site, I would like to share my knowledge, experience,expertise,skill, talent and art which I have received from God. I have acquired versatile and wide range of knowledge pertaining to several subjects and various aspects of life. I am a good orator,singer,writer,poet, lyricist, dramatist,adventure, literature and nature loving person. Therefore, I have very fondly turned into a good music composer,producer and director. As I said,I own profound knowledge streams and versatile skill sets, I wish to use my talents to motivate others for the development of their talents, skills, abilities,merits and potentialities. It makes me so glad to tell you more about myself that I am a philosopher, scholar, researcher, critique and an analyst as well. These words are not enough to describe my identity. So, in order to give you the wholistic picture of my personality,I would like to say that I am a motivational speaker, mentor,coach, advisor trainer,consultant,counselor,pursuer,seeker and investigator of truth aslo.

Leave a comment

Design a site like this with WordPress.com
Get started